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Parent Care Leave Bill 2026: क्या माता-पिता की देखभाल के लिए 45 दिन की Paid Leave लागू हो गई?

Parent Care Leave Bill 2026

updated on October 10th, 2026 at 08:22 pm

Parent Care Leave Bill 2026 को लेकर सरकारी और प्राइवेट कर्मचारियों के बीच चर्चा हो रही है। इस विधेयक में प्रस्ताव है कि कर्मचारियों को अपने बुजुर्ग माता-पिता की देखभाल के लिए पूरी नौकरी के दौरान अधिकतम 45 दिन का सवैतनिक अवकाश (Paid Leave) दिया जाए।लेकिन सबसे जरूरी सवाल है कि क्या 45 दिन की Parent Care Leave भारत में लागू हो चुकी है?

जवाब है, नहीं। उपलब्ध विधायी रिकॉर्ड के अनुसार The Sacred Bond (Parent Care Leave) Bill, 2026 को 13 मार्च 2026 को राज्यसभा में पेश किया गया था। 9 अक्टूबर 2026 तक उपलब्ध स्थिति के अनुसार यह विधेयक लंबित है। इसलिए केवल इस विधेयक के आधार पर कर्मचारियों को 45 दिन की अतिरिक्त छुट्टी का कानूनी अधिकार नहीं मिला है।

इस लेख में जानिए कि Parent Care Leave Bill 2026 क्या है, इसमें किन कर्मचारियों को शामिल करने का प्रस्ताव है, 45 दिन की छुट्टी के नियम क्या हो सकते हैं और यह कानून कब लागू हो सकता है।

Parent Care Leave Bill 2026: एक नजर में

विवरणजानकारी
विधेयक का नामThe Sacred Bond (Parent Care Leave) Bill, 2026
बिल नंबरXXV of 2026
राज्यसभा में पेश13 मार्च 2026
विधेयक का प्रकारPrivate Member’s Bill
प्रस्तावित छुट्टीअधिकतम 45 दिन
छुट्टी का प्रकारPaid Leave
प्रस्तावित लाभार्थीसरकारी और निर्धारित निजी क्षेत्र के कर्मचारी
माता-पिता की आयु60 वर्ष या उससे अधिक
छुट्टी की अवधिपूरी सेवा अवधि में कुल 45 दिन
वर्तमान स्थितिPending, उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार
कानून लागू हुआ?नहीं

महत्वपूर्ण सूचना: इस लेख में बताए गए अवकाश, पात्रता और दंड से जुड़े प्रावधान अभी विधेयक के प्रस्ताव हैं, लागू कानून नहीं।

Parent Care Leave Bill 2026 क्या है?

The Sacred Bond (Parent Care Leave) Bill, 2026 एक प्रस्तावित कानून है, जिसका उद्देश्य कर्मचारियों को अपने बुजुर्ग माता-पिता की स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों और देखभाल के लिए विशेष अवकाश उपलब्ध कराना है। इसे राज्यसभा सांसद सुमित्रा बाल्मिक ने पेश किया था।

भारत में कई कर्मचारी नौकरी के कारण अपने माता-पिता से दूर रहते हैं। जब माता-पिता बीमार होते हैं या उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ता है, तो कर्मचारियों को अपनी उपलब्ध छुट्टियों का उपयोग करना पड़ता है।

इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए विधेयक में एक अलग Parent Care Leave व्यवस्था बनाने का प्रस्ताव रखा गया है।

Parent Care Leave Bill 2026 में 45 दिन की छुट्टी कैसे मिलेगी इसके क्या प्रस्ताव है?

विधेयक की धारा 3 में कर्मचारियों को पूरी सेवा अवधि के दौरान अधिकतम 45 दिन का Parent Care Leave देने का प्रस्ताव है।

इसके प्रमुख प्रावधान इस प्रकार हैं:

  1. पात्र कर्मचारी को कुल अधिकतम 45 दिन का अवकाश मिल सकेगा।
  2. यह छुट्टी पूरी नौकरी के दौरान एक बार मिलने वाला कुल अवकाश होगा।
  3. कर्मचारी इसे एक साथ या अलग-अलग परिस्थितिओ  में ले सकेगा।
  4. छुट्टी के दौरान पूरा वेतन और लागू भत्ते देने का प्रस्ताव है।
  5. इस अवकाश को अन्य छुट्टियों के खाते से नहीं काटा जाएगा।
  6. जो पैरेंट केयर लीव बच जाती है, उसे नकद में नहीं बदला जा सकता।

ध्यान दें: 45 दिन की छुट्टी हर साल नहीं मिलेगी। पूरी नौकरी के दौरान अधिकतम कुल 45 दिन की छुट्टी ही ली जा सकती है।

Parent Care Leave Bill 2026 की पात्रता क्या होगी?

विधेयक में सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों के कर्मचारियों को शामिल करने का प्रस्ताव है।

सरकारी कर्मचारी: प्रस्तावित व्यवस्था में केंद्र सरकार, राज्य सरकार, सरकारी विभागों, सार्वजनिक उपक्रमों और संबंधित सरकारी संस्थानों के कर्मचारियों को शामिल किया गया है।

प्राइवेट कंपनी के कर्मचारी: विधेयक के अनुसार ऐसी निजी संस्थाएं, जहां 10 या उससे अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं, प्रस्तावित कानून के दायरे में आ सकती हैं।

इसमें विभिन्न प्रकार की निजी कंपनियां, संस्थान और सेवा प्रदाता शामिल हो सकते हैं।

क्या Contract Employees को भी लाभ मिलेगा?

विधेयक में Employee की परिभाषा व्यापक रखी गई है। इसमें नियमित, अस्थायी, संविदा कर्मचारी, प्रशिक्षु और अन्य निर्दिष्ट प्रकार के कर्मचारियों को शामिल किया गया है।

हालांकि, इन सभी प्रावधानों का वास्तविक प्रभाव तभी स्पष्ट होगा जब विधेयक कानून बनेगा और लागू नियम अधिसूचित होंगे।

किन माता-पिता की देखभाल के लिए छुट्टी मिल सकेगी?

विधेयक में Parent की परिभाषा में निम्नलिखित को शामिल करने का प्रस्ताव है:

इस प्रस्ताव के तहत माता-पिता की उम्र कम से कम 60 साल होनी चाहिए। इसका उद्देश्य उन कर्मचारियों की मदद करना है जिन्हें अपने बुजुर्ग माता-पिता की चिकित्सा, स्वास्थ्य और देखभाल संबंधी जरूरतों के लिए समय चाहिए।

Parent Care Leave के लिए आवेदन कैसे करना होगा?

विधेयक की धारा 4 में आवेदन और दस्तावेजों से संबंधित व्यवस्था प्रस्तावित है।यदि भविष्य में यह कानून लागू होता है, तो कर्मचारी को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार अपने नियोक्ता के पास आवेदन करना होगा।

प्रस्तावित प्रक्रिया में निम्नलिखित बातें शामिल हैं:

  1. नियोक्ता के पास निर्धारित प्रारूप में आवेदन करना।
  2. छुट्टी की जरूरत का कारण बताना।
  3. आवश्यक चिकित्सा प्रमाणपत्र या अस्पताल के रिकॉर्ड प्रस्तुत करना।
  4. सामान्य परिस्थितियों में आवश्यक स्वीकृति प्राप्त करना।
  5. आपातकालीन स्थिति में बाद में निर्धारित दस्तावेज जमा करना।

विधेयक में आपातकाल के दौरान छुट्टी शुरू होने के सात कार्यदिवस के भीतर दस्तावेज प्रस्तुत करने की व्यवस्था प्रस्तावित है।आवेदन मिलने के बाद नियोक्ता को कोशिश करनी चाहिए कि वह 48 घंटे के अंदर उस पर निर्णय ले। अभी इस विधेयक के तहत कोई लागू सरकारी आवेदन प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है।

क्या Parent Care Leave में पूरी सैलरी मिलेगी?

विधेयक में Parent Care Leave को वेतन सहित छुट्टी बनाने का प्रस्ताव है। इसके तहत पात्र कर्मचारियों को छुट्टी के दौरान पूरा वेतन और सभी लागू भत्ते मिलेंगे। साथ ही, इस छुट्टी को कर्मचारियों की अन्य छुट्टियों से अलग रखा जाएगा।

उदाहरण के लिए, यदि कोई कर्मचारी अपने 65 वर्षीय पिता की सर्जरी के बाद देखभाल के लिए 15 दिन की छुट्टी लेता है, तो प्रस्तावित व्यवस्था के अनुसार यह 15 दिन कुल 45 दिन के Parent Care Leave से समायोजित हो सकते हैं।

यह केवल प्रस्ताव को समझाने का उदाहरण है। फिलहाल यह कोई लागू कानूनी अधिकार नहीं है।

क्या कंपनी Parent Care Leave देने से मना कर सकती है?

विधेयक में छुट्टी के लिए आवेदन करने की प्रक्रिया, नियोक्ता द्वारा छुट्टी मंजूर करने के नियम और कर्मचारियों के अधिकारों से जुड़े प्रावधान शामिल करने का प्रस्ताव है।प्रस्ताव के अनुसार सेवा की आवश्यकताओं के कारण छुट्टी अस्वीकार किए जाने पर नियोक्ता को उसका कारण लिखित रूप में बताना होगा।

विधेयक में यह भी प्रस्ताव है कि Parent Care Leave लेने के कारण कर्मचारी की पदोन्नति, वेतन वृद्धि, पोस्टिंग, ट्रांसफर या करियर की प्रगति पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ना चाहिए। ये प्रावधान अभी प्रस्तावित हैं, इसलिए वर्तमान में इनका उपयोग लागू कानून के रूप में नहीं किया जा सकता।

Parent Care Leave के नियम तोड़ने पर क्या जुर्माना होगा?

विधेयक की धारा 6 के अनुसार, यदि कोई नियोक्ता बिना उचित कारण के पात्र कर्मचारी की छुट्टी की मांग ठुकराता है या छुट्टी लेने पर उसके खिलाफ कोई गलत कार्रवाई करता है, तो उस पर जुर्माना लगाया जा सकता है। प्रस्तावित जुर्माना ₹50,000 से ₹2 लाख तक है। वहीं, यदि कर्मचारी जानबूझकर गलत या फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत करता है, तो उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई और भुगतान की वसूली का प्रावधान भी प्रस्तावित है।

महत्वपूर्ण: ये जुर्माने अभी लागू नहीं हैं क्योंकि विधेयक कानून नहीं बना है।

Parent Care Leave Bill 2026 कब लागू होगा?

इस सवाल का अभी कोई निश्चित जवाब उपलब्ध नहीं है।किसी विधेयक को कानून बनने के लिए आवश्यक संसदीय प्रक्रिया से गुजरना होता है। सामान्यतः दोनों सदनों की स्वीकृति और राष्ट्रपति की मंजूरी जरूरी होती है।

इसके अलावा, यह विधेयक तभी लागू होगा जब केंद्र सरकार इसकी तारीख राजपत्र में जारी करेगी। इसलिए जब तक यह विधेयक पास होकर कानून नहीं बन जाता और लागू नहीं हो जाता, तब तक 45 दिन की Parent Care Leave को कर्मचारियों का कानूनी अधिकार नहीं माना जा सकता।

Parent Care Leave Bill और मौजूदा Leave Policy में क्या अंतर है?

विषयप्रस्तावित Parent Care Leaveवर्तमान अवकाश व्यवस्था
उद्देश्यबुजुर्ग माता-पिता की देखभालछुट्टी के प्रकार पर निर्भर
अवधिपूरी सेवा में अधिकतम 45 दिनलागू नियम या कंपनी नीति के अनुसार
वेतनपूरे वेतन का प्रस्तावअवकाश के प्रकार पर निर्भर
अलग Leave Accountप्रस्तावितनियोक्ता की व्यवस्था पर निर्भर
कानूनी स्थितिअभी लंबित विधेयकसंबंधित लागू नियमों पर निर्भर

कुछ कंपनियां अपनी HR Policy के अंतर्गत पहले से Family Care Leave या अन्य अवकाश प्रदान कर सकती हैं। ऐसी सुविधा को इस प्रस्तावित विधेयक से अलग समझना चाहिए।

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Parent Care Leave Bill 2026 से जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q1. क्या Parent Care Leave Bill 2026 पास हो गया है?

Ans: उपलब्ध विधायी रिकॉर्ड के अनुसार यह विधेयक लंबित है। इसे लागू कानून नहीं माना जा सकता।

Q2. क्या सरकारी कर्मचारियों को माता-पिता की देखभाल के लिए 45 दिन की छुट्टी मिलेगी?

Ans: विधेयक में सरकारी कर्मचारियों को शामिल करने का प्रस्ताव है, लेकिन यह अधिकार अभी लागू नहीं हुआ है।

Q3. क्या प्राइवेट कर्मचारियों को भी Parent Care Leave मिलेगी?

Ans: विधेयक में 10 या अधिक कर्मचारियों वाले निजी प्रतिष्ठानों को शामिल करने का प्रस्ताव है। फिलहाल यह व्यवस्था लागू नहीं है।

Q4. क्या 45 दिन की छुट्टी हर साल मिलेगी?

Ans: नहीं। प्रस्ताव के अनुसार पूरी सेवा अवधि में कुल अधिकतम 45 दिन का अवकाश होगा।

Q5.  क्या माता-पिता की आयु 60 वर्ष होना जरूरी है?

Ans: विधेयक में Parent की परिभाषा 60 वर्ष या उससे अधिक आयु वाले संबंधित माता-पिता के लिए दी गई है।

Q6. क्या सास-ससुर की देखभाल के लिए भी छुट्टी मिलेगी?

Ans: इस प्रस्ताव के अनुसार, माता-पिता के अलावा सास-ससुर की देखभाल के लिए भी छुट्टी ली जा सकेगी।

Q7. क्या 45 दिन की छुट्टी में सैलरी कटेगी?

Ans: विधेयक में छुट्टी के दौरान पूरा वेतन और सभी लागू भत्ते देने का प्रस्ताव है। लेकिन अभी यह नियम लागू नहीं हुआ है।

Q8. क्या Parent Care Leave के लिए ऑनलाइन आवेदन शुरू हो गया है?

Ans: इस प्रस्तावित विधेयक के तहत कोई लागू केंद्रीय आवेदन प्रक्रिया उपलब्ध नहीं है।

Q9. क्या यह विधेयक कानून बनना निश्चित है?

Ans: नहीं। विधेयक का पेश होना उसके पारित होने की गारंटी नहीं है।

निष्कर्ष

Parent Care Leave Bill 2026 का उद्देश्य कर्मचारियों को अपने बुजुर्ग माता-पिता की देखभाल के लिए विशेष सवैतनिक अवकाश उपलब्ध कराना है।इसमें सरकारी और निर्धारित निजी क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए पूरी सेवा अवधि में अधिकतम 45 दिन की छुट्टी का प्रस्ताव है। हालांकि, उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार विधेयक अभी लंबित है। इसलिए कर्मचारियों को इसे लागू कानून समझकर छुट्टी का दावा नहीं करना चाहिए।

नवीनतम जानकारी के लिए संसद के आधिकारिक रिकॉर्ड और सरकारी अधिसूचनाएं देखें।

आधिकारिक स्रोत

Disclaimer: Sarkari99.com एक स्वतंत्र सूचना वेबसाइट है। यह लेख उपलब्ध संसदीय रिकॉर्ड के आधार पर तैयार किया गया है। विधेयक की स्थिति बदल सकती है। कानूनी अधिकारों की पुष्टि संबंधित सरकारी अधिसूचना और लागू सेवा नियमों से करें।

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