updated on April 19th, 2026 at 06:28 pm
Nitish Kumar की सरकार ने बिहार के दिव्यांगजनों के लिए एक बड़ी योजना की शुरुआत की है। इस योजना का नाम मुख्यमंत्री दिव्यांगजन उद्यमी योजना (Mukhyamantri Divyangjan Udyami Yojana) है। इसका मकसद दिव्यांगजनों को अपना खुद का व्यवसाय शुरू करने में आर्थिक सहायता देना है।
इस योजना के तहत चयनित लाभार्थियों को 10 लाख रुपये तक की राशि दी जाएगी। खास बात यह है कि इसमें से 5 लाख रुपये अनुदान के रूप में मिलेंगे, यानी वापस नहीं करने होंगे। बाकी 5 लाख रुपये भी बिना ब्याज के लौटाने होंगे।
मुख्यमंत्री दिव्यांगजन उद्यमी योजना क्या है? Mukhyamantri Divyangjan Udyami Yojana
यह योजना पहले से चल रही मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के अंतर्गत एक नई श्रेणी के रूप में शुरू की गई है। पहले इस योजना में महिलाओं, युवाओं और अन्य वर्गों को लाभ दिया जाता था। अब दिव्यांगजनों को भी अलग से लाभ दिया जाएगा।
इस योजना का उद्देश्य है:
- दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाना
- स्वरोजगार को बढ़ावा देना
- आर्थिक रूप से मजबूत बनाना
वित्त वर्ष 2025-26 में इस योजना के तहत शुरुआत में 100 दिव्यांगजनों को लाभ दिया जाएगा। तुरंत 23 मार्च से पहले आवेदन करें।
Mukhyamantri Divyangjan Udyami Yojana योजना की मुख्य विशेषताएं
- 10 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता
- 5 लाख रुपये की सीधी सब्सिडी
- शेष 5 लाख रुपये बिना ब्याज लौटाने होंगे
- लगभग 58 से 60 प्रकार के व्यवसाय शुरू करने की अनुमति
- चयन के बाद अनिवार्य प्रशिक्षण
किन कार्यों के लिए मिलेगा लोन?
इस योजना के तहत करीब 58 प्रकार के प्रोजेक्ट्स के लिए लोन दिया जाएगा। जैसे:
- मैन्युफैक्चरिंग यूनिट
- सर्विस सेक्टर बिजनेस
- फूड प्रोसेसिंग
- छोटे उद्योग
- ट्रेडिंग यूनिट
सरकार द्वारा गठित कमेटी आपके अनुभव और योग्यता के आधार पर प्रोजेक्ट चुनने में मदद करेगी। पूरी लिस्ट चेक करें।
Mukhyamantri Divyangjan Udyami Yojana के लिए पात्रता (Eligibility Criteria)
आवेदन करने से पहले पात्रता के लिए जरूरी शर्तें जानना जरूरी है:
- आवेदक बिहार का स्थायी निवासी हो।
- मान्य दिव्यांगता प्रमाण पत्र हो।
- 18 से 50 वर्ष के बीच उम्र हो।
- कम से कम 12वीं पास या ITI/पॉलिटेक्निक डिप्लोमा किया हो।
अन्य जरूरी शर्तें
- सरकारी नौकरी में कार्यरत न हो
- निजी नौकरी में वेतन 15,000 रुपये से अधिक न हो
- किसी अन्य सरकारी बिजनेस योजना का लाभ न ले रहे हों
- मानसिक रूप से सक्षम हों
- 6 महीने या उससे अधिक की जेल सजा न हुई हो
- परिवार में कोई निर्वाचित जनप्रतिनिधि न हो
- राशन या केरोसिन डीलर न हों
जरूरी दस्तावेज – Mukhyamantri Divyangjan Udyami Yojana
आवेदन के समय निम्न दस्तावेज जरूरी होंगे:
- जन्म प्रमाण पत्र
- आधार कार्ड (बिहार का पता)
- शैक्षणिक प्रमाण पत्र
- दिव्यांगता प्रमाण पत्र
- बैंक खाता विवरण
Mukhyamantri Divyangjan Udyami Yojana ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया (How to Apply)
आवेदन ऑनलाइन माध्यम से किया जाएगा।
- योजना के आधिकारिक पोर्टल पर जाएं
- लॉगिन सेक्शन में MMUY विकल्प चुनें
- आधार नंबर से रजिस्ट्रेशन करें
- आवेदन फॉर्म भरें और दस्तावेज अपलोड करें
- फाइनल सबमिट करें
चयनित उम्मीदवारों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण पूरा करना अनिवार्य है। यदि प्रशिक्षण में शामिल नहीं होते हैं तो आवेदन रद्द किया जा सकता है।
लिस्ट में नाम कैसे चेक करें?
आवेदन के बाद चयन सूची आधिकारिक पोर्टल पर जारी की जाएगी।
आप लॉगिन करके अपने आवेदन की स्थिति और फाइनल लिस्ट में नाम चेक कर सकते हैं।
पैसा कैसे मिलेगा?
लोन की राशि तीन किस्तों में दी जाएगी:
- पहली किस्त प्रशिक्षण के बाद मिलेगी।
- 90 दिनों के भीतर उपयोगिता प्रमाण पत्र अपलोड करना होगा।
- दूसरी किस्त अगली ट्रेनिंग के बाद जारी होगी।
- तीसरी किस्त भी उपयोगिता प्रमाण पत्र जमा करने के बाद मिलेगी।
पैसा वापस कैसे करना होगा?
- अंतिम किस्त मिलने के एक साल बाद भुगतान प्रक्रिया शुरू होगी।
- EMI तय की जाएगी।
- हर महीने बैंक खाते से राशि कटेगी।
- लोन पूरी तरह ब्याज मुक्त रहेगा।
हेल्पलाइन नंबर
अगर आपको किसी प्रकार की सहायता चाहिए तो आप हेल्पलाइन नंबर 1800 345 6214 पर संपर्क कर सकते हैं।
निष्कर्ष
मुख्यमंत्री दिव्यांगजन उद्यमी योजना (Mukhyamantri Divyangjan Udyami Yojana) बिहार सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है। इस योजना से दिव्यांगजन अपना खुद का व्यवसाय शुरू कर सकते हैं और आत्मनिर्भर बन सकते हैं। 10 लाख रुपये की सहायता, 5 लाख की सब्सिडी और बिना ब्याज लोन जैसी सुविधाएं इसे बेहद लाभकारी बनाती हैं।
अगर आप पात्र हैं तो समय रहते आवेदन करें और अपने व्यवसाय की शुरुआत करें।
FAQs: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Ans: नहीं, यह योजना केवल बिहार के स्थायी दिव्यांग नागरिकों के लिए है।
Ans: वित्त वर्ष 2025-26 में 100 लाभार्थियों को योजना का लाभ मिलेगा। आगे संख्या बढ़ाई जा सकती है।
Ans: नहीं, आवेदन पूरी तरह निशुल्क है।
Ans: हां, यदि आप पात्रता की शर्तें पूरी करते हैं तो अगली बार फिर आवेदन कर सकते हैं।
Ans: नहीं, 5 लाख रुपये जो लौटाने हैं उन पर कोई ब्याज नहीं लगेगा।
- योजना की Guideline
- Source: Official Website
